एक नज़र में भी प्यार होता है - प्यार का अहसास
August 01, 2020
Ek choti si love story

उस दिन राजेश को यह एहसास हुआ कि एक नज़र में भी सच में प्यार होता है

लव एक एहसास है एक फीलिंग(feeling) है जो हर किसी को उसके जीवनकाल में कभी न कभी किसी न किसी से होता ही है। मेरे मित्र राजेश को भी यह एहसास हुआ, जो उसने मुझसे साझा किया।

ये उन दिनों कि बात है जब राजेश टैली (tailly) सिखने के लिए एक कोचिंग में जाया करता था। कोचिंग का समय शाम का था 6 बजे से 8 बजे तक और tailly का कोर्स भी दो महीने का था। tailly कि कोचिंग सुरु हुई इसमें हम पांच लोग एक बैच में थे जिसमे दो लड़की और तीन लड़के। कोचिंग(classes) के पहले ही हफ्ते में पांचो में अच्छी दोस्ती हो गयी थी। मजाक भी होता रहता था बिच बिच में, अच्च्छा माहोल था और पढाई भी अच्छी चल रही थी। उस कोचिंग सेण्टर में और भी विद्यार्थी(students)कोचिंग करते थे अलग अलग कोर्स की।

एक शाम को जब कोचिंग सुरु हुई सर ने कुछ नया टॉपिक सिखाया और बोला कि इसकी प्रैक्टिस करो, सब प्रैक्टिस करने लगे फिर थोड़ी देर प्रैक्टिस के बाद राजेश अपनी क्लास से बहार कि ओर जाने लगा जैसे ही उसने क्लास से बहार जाने के लिए दरवाजा खोला तो उसकी आँखे एक लड़की कि आँखों से टकरा गयी और दोनों एक दुसरे को कुछ देर तक देखते ही रह गए मानो ऐसा लग रहा था कि जैसे कि होश में ही नहीं है दोनों। न ही दरवाजे से कोई अन्दर जा न बाहर जा रहा था फिर उस लड़की ने थोड़ी देर इन्तजार करने के बाद और इस तरह देखने के बाद थोडा मुस्कुराई और कोचिंग सेण्टर के अन्दर चली गयी। उसकी वो मुस्कराहट राजेश के दिल में बैठ गयी वो अब भी दरवाजे के पास ही खड़ा था उसका दिमाग कुछ काम नहीं कर रहा था। उसे ऐसा लग रहा था कि मानो ये दुनिया उसके लिए जैसे थम सी गयी है।

थोड़ी देर बाहर रुकने के बाद राजेश जैसे तैसे अपने दिल को सँभालते हुए अन्दर आया। राजेश अन्दर ही अन्दर बहुत खुश था बहुत ही अच्छा महसूस कर रहा था। राजेश का ये रोमांटिक पल कोचिंग के दोस्तों ने देख लिया था इसलिए वे राजेश को घुर रहे थे लेकिन राजेश ने किसी से कुछ बात नहीं कि वो सीधा अपने सीट पर जा के बैठ गया और उन लम्हों को याद करने लगा। उस दिन राजेश का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था बार बार उस लड़की का चेहरा राजेश कि आँखों के सामने आ रहा था। और वो लड़की भी राजेश को दुसरे कमरे से देख रही थी उसके दिल का हाल भी वही था जो राजेश के दिल का था वो भी बेचैन थी। उसे भी पता चल गया था कि राजेश एक ही नज़र ने उसका दीवाना हो चुका है। और सचमुच राजेश को भी एक ही नज़र में उस लड़की से प्यार हो गया।

Missing You I Love You

उस दिन राजेश को यह एहसास हुआ कि एक नज़र में भी सच में प्यार होता है यह बात सच है। राजेश ने उस दिन किसी से बात नहीं कि वो घर चला आया वो रात भर उस लम्हे को याद कर रहा था और उस लड़की का मुस्कुराता हुआ चेहरा राजेश के आगे घूम रहा था। लेकिन मन ही मन राजेश बहुत खुश भी था ऐसा राजेश के साथ पहली बार हुआ था। यह राजेश के प्यार का पहला अनुभव था राजेश का पहला प्यार था।

अगले दिन सुबह राजेश उस लड़की से मिलने के लिए बेचैन था वह कोचिंग जाने के समय का इन्तजार करने लगा कि कब जल्दी से कोचिंग जाऊ और उस लड़की से मिलु। कोचिंग का समय होते ही राजेश कोचिंग में पहुच गया और लड़की को इप्रेस करने के लिए अच्छे से तैयार भी हुआ था क्योकि अब उसको भी कोई देखने वाली मिल गयी थी। वो लड़की भी बहुत ख़ूबसूरत थी इसलिए क्लास के बाकि लोग भी उसे देखते थे लेकिन वो राजेश को देखती थी क्योकि उसे भी राजेश से एक नज़र में ही प्यार हो गया था।

राजेश अपनी सीट पर बैठ के उस लड़की के आने का इंतजार करने लगा उसका पढ़ाई में मन अब नहीं लग रहा था फिर थोड़ी देर में वो लड़की आई और राजेश कि तरफ देखते हुए थोडा सा मुस्कराई और अपने क्लासरूम में चली गयी।

फिर नैन मटक्का चलने लगा दोनों एक दुसरे को छुप छुप के देखते और मुस्कुराते। ऐसे ही नैन मटक्के में ही कुछ दिन बित गए। उस लड़की से कैसे बात किया जाये ये कुछ समझ में नहीं आ रहा था क्योकि वहा और भी लोग रहते थे इसलिए राजेश कि हिम्मत नहीं हुई कि वो उस लड़कि का नाम पुछ ले और कुछ बाते करे। ऐसे ही एक दुसरे को देखते हुए दिन बितते गये और राजेश का कोर्स अधा ख़तम हो चूका था लेकिन फिर भी उस लड़की से बात करने कि हिम्मत नहीं जूटा पाया। फिर वो लड़की अचानक गायब हो गयी बिना कुछ बताये शायद उसका कोर्स ख़तम हो गया।

फिर उसके जाने के बाद रोज राजेश निगाहें दरवाजे पर टिकी रहती थी कि कब वो इस दरवाजे से अन्दर आयेगी और उसे देखेगी। उसके जाने के बाद राजेश का मन भी नहीं करता था कोचिंग सेण्टर जाने का वो बस उस लड़की के ख्यालो में खोया रहता था।

फिर पंद्रह दिन के बाद अचानक वो कोचिंग सेण्टर में आई उस दिन कोचिंग सेण्टर में कुछ पढ़ाई नहीं हो रही थी सर सबको एक क्लास में बिठाकर अपने जीवन के कुछ अनुभव हमें बता रहे थे। वो लडकी भी मौका देखकर राजेश के पास आकर बैठ गयी और मुझसे बाते करने लगी थोडा हसी मजाक भी किया। लेकिन सब लोगो के होने कि वजह से उतना खुलकर बात नहीं हो पायी क्योकि ये पहली बार हो रहा था इसलिए थोडा डर भी लग रहा था।

उस दिन तो बहुत अच्छा लगा लेकिन उस दिन के बाद वो कभी नहीं मिली और न ही उसका कोई पता लिया। उस समय मोबाइल फोन भी नहीं था। उसके बाद राजेश अकेला रह गया जैसे तैसे उसने अपना कोर्स पूरा किया फिर भी उस लड़की कि याद हमेशा आती थी इसलिए राजेश कभी कभी समय मिलने पर उस कोचिंग सेण्टर के चक्कार लगा देता था कि वो लड़की कही उसे दिख जाये तो हिम्मत जूटा के बात कर लू और अपने दिल का हाल बता दे।

- RAKESH PAL