ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः सुबह सबसे पहले करें इन मंत्रों का जप

Karagre Vasate Lakshmi

ऊं कराग्रे वसते लक्ष्‍मी: करमध्‍ये सरस्‍वती। करमूले च गोविंद: प्रभाते कुरुदर्शनम्।।

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ऊं कराग्रे वसते लक्ष्‍मी: करमध्‍ये सरस्‍वती। करमूले च गोविंद: प्रभाते कुरुदर्शनम्।।

इसका मतलब है, ‘हथेली के सबसे आगे के भाग में लक्ष्मीजी, बीच के भाग में सरस्वतीजी और मूल भाग में ब्रह्माजी निवास करते हैं. इसलिए सुबह दोनों हथेलियों के दर्शन करना करना चाहिए.

सुबह सबसे पहले करें इन मंत्रों का जप जो करेंगे हर संकट का अंत, खुशियां लौटेंगी तुरंत

 

गायत्री मन्त्र :

ऊँ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्।।

विष्णु मंत्र, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः

ओम नमो भगवते वासुदेवाय सबसे लोकप्रिय हिंदू मंत्रों में से एक है, और वैष्णववाद में सबसे महत्वपूर्ण मंत्र है। इसे द्वादशाक्षरी मंत्र या केवल द्वादशाक्षरी कहा जाता है, जिसका अर्थ है भगवान कृष्ण के रूप में विष्णु को समर्पित “बारह-शब्दांश” मंत्र। इसकी दो परंपराएं हैं- तांत्रिक और पुराणिक।

महामृत्युंजय महामंत्र

ॐ हौं जूं स: भूर्भुव: स्व:
ॐ त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बंधनानमृत्योर्मुक्षीय मामृतात।
स्व:भुव: भू ॐ स: जूं हौं ॐ।

  • जाप करते समय कोई आसन या कुश का आसन बिछा कर करें।
  • जाप करते समय पूर्व दिशा की तरफ मुख करें।
  • मंत्र का जाप करने के लिए एक जगह तय कर लें रोजाना जगह न बदलें।
  • मंत्र करते समय अपने मन को कहीं दूसरी तरफ न भटकने दें।
  • जितने दिन तक आप यह जाप करें उतने दिन मांसाहार या शराब का सेवन न करें।
  • जाप रुद्राक्ष माला से करें।

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