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आज का युवा बेरोजगारी की मार से बेहाल

Aaj ka yuva varg aur bharat ka bhavishya – भारत में ६५ प्रतिशत युवा है। भारत विश्व में सबसे अधिक युवाओ वाला देश है। भारत का युवा अत्यंत संघर्सशील है। प्रत्येक वर्ष करोड़ों युवा रोजगार के कतार में खड़े हो जाते है।

बढ़ती बेरोजगारी तथा अवसरों और प्रोत्साहन कि कमी के कारण करोडो भारतीय युवा व्यर्थ में अपना समय बर्बाद करने के लिए विवश है। संसाधनों और अवसरों के कमी के कारण ही इस प्रकार के संघर्ष उत्पन्न हो रहे है। गावो से लेकर कस्बो और शहरो तक करोड़ो भारतीय युवा व्यर्थ के कार्यो और व्यर्थ के बहस में पड़कर अपना कीमती समय बर्बाद कर रहे है। इसका प्रमुख कारण भारत कि शिक्षा व्यवस्था और सरकार है जो सिर्फ अपना फायदा देखते है।

भारत में राजनीती पैसा कमाने का बहुत ही अच्छा विकल्प है। भारत में राजनीती सिर्फ पैसो के लिए कि जाती है। भारत के राजनेताओ को देश के विकास से कोई मतलब नहीं होता है। देश के नेता भी यही चाहते है कि देश में बेरोगारी (unemployment) और गरीबी बनी रहे ताकि उनका शाशन चलता रहे।

और लोग उनकी बातो में आकर उन नेताओ कि गुलामी करते रहे क्योकि देश कि जनता अगर धनवान हो गयी तो नेताओ कि गुलामी कोई नहीं करेगा। और दूसरा कारण शिक्षा व्यवस्था है जिसमे सिर्फ अछे नंबर लाने कि होड़ लगी रहती है। जिन्होंने विद्यार्थियों को एक दौड़ ने फंसा कर रख दिया है जिसमे प्रथम आने कि होड़ लगा राखी है। प्रथम आओगे तो अच्छी नौकरी मिलेगी विदेशो में जाने का मौका मिलेगा, अच्छा पैसा कमाओगे और न जाने क्या क्या लालच और सपने दिखाते है।

जिससे युवाओ के मन में भी यही स्वप्न बैठ जाता है कि वो अपने दोस्तों, शिक्षको या घरवालो के बताये हुए डिग्री ले लेंगे तो दुनिया उनके कदमो में होगी। इसलिए किसी भी कीमत पर युवा महंगी से महँगी फीस देकर कोई भी बताई हुई डिग्री ले लेता है चाहे इसने उसकी कोई रूचि हो या नहीं।

पैसे और ऐसोआरम कि जिंदगी के सपने सजाये हुए बिना कुछ सोचे समझे रेस में कूद जाता है, और जब कई वर्षो तक मेहनत करने के बाद कुछ कामयाबी हाथ नहीं लगता है, तब जाकर आज के युवा को पता चलता है कि असली दुनिया और असली जिंदगी तो किताबी दुनिया से बिलकुल अलग है।

ज्यादातर आज के युवाओ को कुछ पता ही नहीं होता है कि उन्हें करना क्या है बस पढ़ाई करते चले जाते है और जो कम मिल गया उसी में लग जाते है। और ज्यादातर युवा पारिवारिक और आर्थिक समस्या कि वजह से सही मार्ग का चयन नहीं कर पाते है।

और जिंदगी कि भाग दौड़ में फसकर रहकर जिंदगी से जूझते रहते है पूरी उम्र भर। प्रतिवर्ष अनेक गावो कस्बो से अनेक युवा नौकरी करने के लिए और अपना भविष्य बनाने के लिए शहरो की तरफ अपना रुख करते है।

उच्च शिक्षा न होने के कारण उन्हें अच्छी नौकरी नहीं मिलती।

उच्च शिक्षा और उचित अनुभव न होने के कारण उन्हें अच्छी नौकरी नहीं मिलती है जिससे कि उन्हें जीविका चलाने के लिए कोई भी नौकरी (jobs) करने लगते है, ऑटोरिक्शा (Auto Rickshaw) या टैक्सी(Taxi Driver) चलाने लगते है।

विशेष रूप से युवाओं में बेरोजगारी दर अधिक तेजी से बढ़ रही है। बेरोजगारी एक विश्वव्यापी समस्या है। बेरोजगारी भारत में आधुनिक समय में एक सबसे बड़ी समस्या के रूप में उभर रही है।


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