मानव जीवन में समय का बहुत महत्व होता है।

September 24, 2020
Time

“समय धन से अधिक कीमती है” | बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता

इस दुनिया में समय सबसे ज्यादा कीमती है। समय कि कीमत नापने का कोई यंत्र नहीं है। सबके लिए समय कि कीमत अलग अलग होती है। जैसे कि जो दुनिया के धनि व्यक्ति है उनकी एक मिनट में जो आय होती है वह एक गरीब व्यक्ति के पुरे जीवन भर कि आय के बराबर या उससे भी ज्यादा हो सकती है। इसलिए समय का आकलन कर पाना असंभव है।

समय को एक तरह से पैसा भी कह सकते है आज के समय में। समय मतलब पैसा, हम अपना समय दे कर के पैसा कमा सकते है लेकिन पैसा देकर समय नहीं खरीद सकते है। हम अपने जीवन का सारा धन देकर भी अपने लिए एक मिनट का समय भी नहीं खरीद सकते है। इसलिए कहते है कि समय सबसे मूल्यवान है सबसे कीमती है समय को व्यर्थ में न गवाए।

समय अनमोल है जो समय एक बार बित गया वो दुबारा कभी भी लौटकर नहीं आता है। इसलिए समय कि कीमत को समझे इसे अच्छे कार्य में लगाये कुछ अच्छा सीखे और दुसरो को भी सिखाये। व्यर्थ के कार्यो में उलझकर अपने जीवन का अनमोल समय यर्थ में न गवाए।

अपने जीवन के रोजमर्रा के कार्य करने के बाद यदि कुछ समय बच जाता है तो उसे मानव कल्याण में लगाये प्रभु कि भक्ति में लगाए या अनेक वेद, उपनिषद, उपन्यास और कई तरह कि ग्रन्थ है जो हमें अपने जीवन काल में पढना चाहिए इससे हमारा ज्ञान बढेगा। जीवन के बारे में बहुत कुछ जानकारी प्राप्त होगी। जिससे हम अपने बच्चो को भी उचित मार्गदर्शन कर पाएंगे और समाज में परिवर्तन आयेगा।

इसी प्रकार पशु पक्षी, जानवर वृक्ष आदि सबके लिए समय कि परिभाषा अलग अलग है लेकिन समय सभी के लिए कीमती है। जैसे कि एक कछुए कि उम्र लगभग तीन सौ साल कि होती है और एक कुत्ते कि उम्र पंद्रह से बीस साल और मनुष्य कि लगभग पचास से अस्सी साल (50 to 80 years) तक। एक गाय का बछड़ा पैदा होते ही एक या दो घंटे में ही अपने पैरो पर दौड़ने लगता है वही इसके विपरीत एक मनुष्य के बच्चे को अपने पैरो पर चलने और दौड़ने में एक से डेढ़ साल का समय लग जाता है।

प्रकृति ने सबको सिमित समय दिया हुआ है यह उसपर निर्भर करता है कि वह उसे कैसे इस्तेमाल करता है या व्यर्थ के कार्यो में पड़कर ऐसे ही गवा देता है यह उस मनुष्य के अपने कर्म होते है।

- RAKESH PAL