सुखी जीवन जीने का महत्वपूर्ण उपाय

Number 20, 2020
Sukhi jeevan jine ka mahtavpurn upaay

खुद भी खुश रहे और दुसरो को भी खुश रखने कि कोशिश करे।

अपनी सोच को विकसित करे क्योकि मनुष्य कि सोच पर ही इसका जीवन निर्भर करता है। मनुष्य कि सोच के आकार पर ही उसका बैंक अकाउंट ,उसका सुख का अकाउंट और उसका संतुष्टि के अकाउंट का आकार निर्भर करता है। इसके लिए मनुष्य को दूरदर्शी होना चाहिए। लम्बे समय का सोचकर चलना चाहिए कि वर्तमान में वह जो भी का रहा है उसमे उसे आगे चलकर क्या हासिल होगा। समस्या यह है कि छोटे लोग बहुत ज्यादा तादाद में होते है और बहुत कम लोग होते है जो लीडर बनते है।

“मनुष्य के विचार ही दुनिया पर शासन करते है।” मस्तिष्क का अपना स्थान निश्चित होता है, यह स्वर्ग को नर्क और नर्क को स्वर्ग बना सकता है। अपनी सोच का इस्तेमाल अलादीन के चिराग कि तरह करे। जीवन इतना छोटा है कि इसे घटिया नही होना चाहिए। जीवन अनमोल है इसे व्यर्थ के कामो में पड़कर बर्बाद न करे। खुद भी खुश रहे और दुसरो को भी खुश रखने कि कोशिश करे। जीवन तो हर हाल में जीना है चाहे हस के या रोके, तो क्यू न हस के जिया जाए।

  1. आप जीवन में कहा जाना चाहते है यह तय करे।
  2. सकारात्मक विचार करे।
  3. विश्वास कि शक्ति को विकसित करे।
  4. सफलता के कार्यक्रम कि योजना बनाए।
  5. बहाना बनाना बंद करे।
  6. अपने सेहत का ध्यान रखे, रोज कुछ निश्चित समय तक व्यायाम करे।
  7. दुसरो से डरना बंद करे या दुसरो से अपना मूल्यांकन करना बंद करे। क्योकि इश्वर कि प्रत्येक रचना अपने आप में सर्वश्रेठ है। कोई भी किसी कि बराबरी नहीं कर सकता किसी भी मामले में फिर चाहे वह धन हो या शिक्षा या रंग और रूप।
  8. अपनी अंतरमन के हिसाब से काम करे।
  9. अपनी चीजो का, अपने लोगो का और खुद का मूल्य बढाए।
  10. अपने काम के बारे में बड़ी सोच रखे।
  11. छोटी छोटी बातो से ऊपर उठे और महत्वपूर्ण बातो पर ध्यान दे।
  12. खुद को परखे।
  13. काम को नए और बेहतर तरीके से करे और रचनात्मक सोच का प्रयोग करे।
  14. विचार आपके सोच का फल है।
  15. महत्वपूर्ण दिखे।
  16. अपना विज्ञापन बनाए।
  17. अपनी सोच को आधुनिक करे।
  18. अपने माहौल कि मदद ले। अपने काम के माहौल को मैनेज करे।
  19. फुर्सत के समय में मनोवैज्ञानिक उर्जा इक्क्ठा करे।
  20. अपने माहौल के जहरीले तत्वों को बहार फेके।
  21. अपने हर काम में फस्ट बने।
  22. उत्साही बने।
  23. “आप महत्वपूर्ण है“ का रवैया विकसित करे।
  24. अपने आप को लोकप्रिय बनाए।
  25. कर्मठ बने।
  26. आदर्श परिस्थितियों का इन्तजार न करे।
  27. अपने विचारों को काम कि शक्ल दे।
  28. बोलने कि आदत डाले।
  29. लीडर बने।
  30. असफलता से कुछ न कुछ सीखे।
  31. निश्चित लक्ष्य बनाए।
  32. भविष्य के लाभ के लिए खुद में निवेश करे।
  33. प्रगति के बारे में सोचे, प्रगति में विश्वास करे, प्रगति के लिए प्रयास करे।
  34. अपने दिमाक को गोदाम न बनाये। अनाव्शय्क बाते, अनाव्शय्क विचारो का संचय न करे, केवल उपयोगी और महत्वपूर्ण बाते और विचारो को ही दिमाक में रखे। जो जानकारी हमें कही भी आसानी से मिल जाये उसे दिमाक में रखने कि जरुरत नहीं है।
  35. - RAKESH PAL
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