रक्षा बंधन भाई का बहन के प्रति प्‍यार का प्रतीक है।

1 August, 2020
Raksha Bandhan

यह रक्षाबंधन का पर्व भाई बहन के पवित्र रिश्ते को दर्शाता है।

रक्षाबंधन के सुरुआत के पीछे एक कहानी है कि रक्षाबंधन कि सुरुआत कैसे हुई और सर्वप्रथम किसने इसे मनाया?

रक्षाबंधन की शुरुआत रानी कर्णावती चितौड़ के राजा की विधवा ने सम्राट हुमायूँ को अपनी और अपनी प्रजा की सुरक्षा के लिए राखी भेजी थी।

इतिहास का एक अन्य उदाहरण है कृष्ण और द्रोपदी। कृष्ण भगवान ने जब शिशुपाल का वध सुदर्शन चक्र से किया था तब उनकी हाथ की अँगुली से खून बहाने लगा इसे देखकर द्रोपदी ने अपनी साड़ी का एक टुकड़ा चीरकर कृष्ण की अँगुली में बाँध दिया। तभी से कृष्ण भगवान ने द्रोपदी को अपनी बहन बना लिया और जब पांडव द्रोपदी को जुए में हार गए, भरी सभा में जब द्रोपदी का चीरहरण हो रहा था तब कृष्ण ने द्रोपदी की लाज बचाई थी।

रक्षाबंधन यह एक भारतीय त्यौहार है। रक्षाबंधन भारत के लगभग सभी राज्यों में मनाया जाता है। रक्षाबंधन केवल हिन्दू धर्म के लोग ही मानते है। रक्षाबंधन का त्यौहार सावन के महीने में आता है। यह रक्षाबंधन का पर्व भाई बहन के पवित्र रिश्ते को दर्शाता है।

रक्षाबंधन(raksha bandhan) का यह त्यौहार भाई और बहन के लिए है, भाई और बहन के द्वारा मनाया जाता है जिसमे बहन अपने भाई कि कलाई पर एक राखी बांधती है और अपने भाई को तिलक लगा कर अपने भाई कि आरती करती है। और भाई अपनी बहन को उपहार देते है, मिठाई भी दी जाती है।

आजकल बाज़ार में अनेक प्रकार कि राखी मिलती है और अनेक तरह के उपहार भी मिलते है। जिसकी जितनी आय होती है लोग उसी के अनुसार इस पर्व को मानते है इसमें कोई नियम कि आवश्यकता नहीं होती है। उस दिन भाई बहन देश देश के किसी भी राज्य में रहते हो फिर भी समय निकलकर अपनी बहन को मिलने आते है और बहने भी अपने भाई के घर जाती है और रक्षाबंधन के इस पर्व को मानती है।

घर के सभी लोग आपस में मिलते है मिठाई खिलाई जाती है अच्छे पकवान भी बनाये जाते है सभी के घरो में। घर में अच्छा माहोल रहता है। रिस्तो में मिठास आती है। एक त्यौहार ही है जो रिस्तो को आपस में जोड़ते है नहीं तो आज के दौर में किसी के पास समय कहा होता है।

- RAKESH PAL