हाथ गाड़ी से टेम्पो और टेम्पो से ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक

July 07, 2020
Owner of transport company made while pulling handcart

मेहनत और लगन से अपने जीवन को बेहतर बना सकते है।

ये कहानी गॉव से आये हुए एक व्यक्ति कि है जो कि उस वक्त मुंबई में काम करने आये थे। जब मुंबई का नाम बम्बई था जो कि अब बदलकर मुंबई हो चुका है। वो पढ़े लिखे नहीं थे इसलिए मजदूरी करते थे| उनके साथ और लोग भी रहते थे और सभी साथ में मजदूरी करते थे। वो ट्रांसपोर्ट कंपनी में सामान चढाने उतारने का काम करते थे। उसका काम था कंपनी से तैयार माल को एक कंपनी से दूसरी कंपनी में पहुचना।

कुछ समय ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करने के बाद उन्हें यह सब काम कैसे होता है यह समझ में आ गया, और फिर उन्होंने अपना ट्रांसपोर्ट का काम अलग से सुरु करने का निश्चय किया । उनके पास ज्यादा लागत नही थी इसलिए उसने अपना ट्रांसपोर्ट का काम एक छोटे से हाथगाड़ी से सुरु किया।

हाथगाड़ी को हाथ से खीचना होता है और बहुत मेहनत लगती है हाथगाड़ी को खीचने में। यह उनकी सफलता कि ओर एक छोटा सा कदम था। कुछ साल हाथगाड़ी से काम करते करते उन्होंने कुछ पैसे इक्कठा किये और हिम्मत करके एक तिन पहियों का एक पुराना टेम्पो लिया और टेम्पो से अपना ट्रांसपोर्ट का काम करने लगे। यह उनकी सफलता का दूसरा कदम था। टेम्पो से काम करते करते उन्होंने एक साल के बाद एक और पुराना टेम्पो ख़रीदा और एक ड्राईवर भी रखा।

Hard work result

इस तरह से उन्होंने भी अपना एक छोटा सा ट्रांसपोर्ट कंपनी सुरु किया और उनके साथ जो उनके लोग पहले काम करते थे उनको भी अपने साथ अपने ट्रांसपोर्ट कंपनी में लगा दिया। और इस तरह काम करते करते वो तरक्की करने लगे और उसके ट्रांसपोर्ट का विस्तार होने लगा। उन्होंने एक साल के बाद एक बड़ा ट्रक लिया। यह उनकी सफलता कि ओर एक और बड़ा कदम था और उनका ट्रांसपोर्ट कंपनी अच्छे से चलने लगा। इसके बाद वो हर साल एक नया ट्रक खरीदते और अपने ट्रांसपोर्ट कंपनी को बड़ा करते चले गये।

बाद में एक गोदाम भी लिया और धीरे धीरे समय बीतता गया और उनके ट्रक बढ़ते गये। कुल मिलाकर उसके पास बीस ट्रक हो गए थे पंद्रह सालो में और कई दुकान, माकन और गोदाम भी ख़रीदे उन्होंने। इस तरह अनपढ़ होते हुए भी उन्होंने अपना ट्रांसपोर्ट का व्यापर खड़ा कर लिया अपनी कठोर मेहनत और लगन से। और आज भी उनका ट्रांसपोर्ट का व्यापर अच्छे से चल रहा है।

Success stories in hindi

इससे यह साबित होता है कि इंसान अगर ठान ले तो अपनी मेहनत और लगन से अपने जीवन को बेहतर बना सकता है फिर चाहे वो पढ़ा लिखा हो या नहीं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इंसान के अन्दर कुछ कर गुजरने की इच्छा होनी चाहिए तभी वह जीवन में कुछ अच्छा कर सकेगा। ऐसे अनेक लोग है जो कि कम पढ़े लिखे होने के बाद भी जीवन में बहुत कामयाबी हासिल की है। अच्छा काम करने के लिए अच्छी सोच और द्रस्टीकोण की आयश्यकता होती है। इसका मतलब यह बिलकुल नहीं है कि लोग पढ़ाई करना छोड़ दे। सबका अपना सोचने का तरीका अलग होता है। द्रस्टीकोण अलग होता है।

- RAKESH PAL